Thursday, February 10, 2011

वो ये कह गए की आते
पर वो हमे भुला गए
हम उनकी याद में बैठे है
और वो आते है कह कर तहाके लगा गए
 कहते है प्यार का दस्तूर अलग है..सांसे कही लेते  है धड़कन कुछ और कहती है
जीते कही है और नाम किसी और का लेते है
डरते है कही ये नाम फजीहत न बन जाये तेरी
क्युकी मेरी दिल की वसीहत नाम है तेरी
एक बार चाह था महसूस करना तुमको
तुझे अपनी अंन्खो में महफूज़ रखना पर
तुमतो जानते थे  नहीं अत हमको मजनूँ पड़ना हमको.

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